ओडिशा के संबलपुर से सांसद एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री को भेजे इस्तीफे में कहा कि छात्रों के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बनाए रखने और देशभर में चल रहे विवाद को शांत करने के उद्देश्य से उन्होंने यह निर्णय लिया है। उन्होंने लिखा कि उन्होंने पूरे घटनाक्रम की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए पद छोड़ा है। धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे आगे भी देश, ओडिशा और युवाओं की सेवा के लिए समर्पित रहेंगे। वही नीट पेपर लीक केस में उनके इस्तीफे की मांग करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी पिछले 36 दिन से जंतर-मंतर पर धरना दे रही है। आज उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के पुलिस वालों ने भी अपने पद से त्यागपद देकर खुल कर समर्थन में आ गए कॉकरोचेस जनता पार्टी की इस्तीफे के बाद भी मांग है कि घायल छात्रों को एक करोड़ का मुआवजा और पुलिस अधिकारी जिन्होंने पेरेडगन से से हमला किया था उनपर कार्यवाही के लिए डटे हुए है ।
आखिरकार स्टूडेंट के सामने धर्मेंद्र प्रधान झुके और इस्तीफा
संबलपुर सांसद ने छात्रों के हित और नैतिक जिम्मेदारी का दिया हवाला
Continue With Google
Comments (0)