विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (MPCST), भोपाल द्वारा समाज एवं पर्यावरण से संबंधित विषयों पर कार्यरत गैर-सरकारी संस्थाओं (NGOs) के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण विचार-विमर्श कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय "परंपरा में जल, पर्यावरण एवं कृषि" रहा, जिसमें पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन, कृषि एवं ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
इस अवसर पर अवनी वेलफेयर सोसाइटी के प्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए संस्था की ओर से पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया। सोसाइटी को MPCST द्वारा विशेष आमंत्रण प्रदान किया गया था, जिसके अंतर्गत संस्था के सदस्यों ने कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
कार्यक्रम के दौरान अवनी वेलफेयर सोसाइटी द्वारा 500 सीड बॉल एवं तुलसी के पौधों का वितरण किया गया। साथ ही परिसर में वृक्षारोपण अभियान भी चलाया गया, जिसमें उपस्थित अतिथियों, विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
संस्था के प्रतिनिधियों में से डॉ० स्मिता राशि ने परिचर्चा का दौरान सभागार में बीज सरंक्षण के तरीके भी बताए और विजय गुप्ता एवं संजय गुप्ता ने उपस्थित लोगों से अपील करते हुए कहा कि जल, पर्यावरण एवं कृषि संरक्षण के लिए पारंपरिक ज्ञान और स्थानीय संसाधनों को अपनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने वर्षा जल संचयन, जैविक खेती, पौधारोपण तथा भूजल संरक्षण जैसे विषयों पर जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों, पर्यावरणविदों, वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों पर बल दिया। प्रतिभागियों ने इस पहल को समाज और प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
अवनी वेलफेयर सोसाइटी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर यह संदेश दिया कि "प्रकृति का संरक्षण ही आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की गारंटी है" तथा सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों में भाग लेने की अपील की।