भोपाल से कायस्थ बंधु समिति द्वारा संचालित दहेज मुक्त, माँसाहार मुक्त और मंदिर विवाह अभियान को लगातार समाज का समर्थन मिल रहा है। समाज में फिजूलखर्ची पर रोक लगाने और विवाह संस्कार को सादगी एवं सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने के उद्देश्य से चलाई जा रही इस मुहिम के अंतर्गत 23 जुलाई को भोपाल के गायत्री मंदिर में एक कायस्थ परिवार ने अपने बेटे-बेटी का विवाह सादगीपूर्ण तरीके से संपन्न कराया।

इटारसी निवासी प्रकाश सिन्हा ने अपनी पुत्री ज्योति का विवाह भोपाल के नीलबड़ निवासी अर्चना जोहरी के पुत्र सौरभ के साथ बिना किसी दहेज या लेन-देन के तय किया था। दोनों परिवारों ने कायस्थ बंधु समिति के मंदिर विवाह अभियान से जुड़ते हुए गायत्री मंदिर में वैदिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह संपन्न कराया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक कदम बताया।

कायस्थ बंधु समिति के अध्यक्ष गिरीश श्रीवास्तव ने बताया कि समिति का उद्देश्य विवाह समारोहों में होने वाले अनावश्यक खर्च पर रोक लगाना, दहेज प्रथा का विरोध करना तथा समाज को सरल, संस्कारयुक्त और आर्थिक रूप से व्यावहारिक विवाह की ओर प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि मंदिर में विवाह होने से धार्मिक वातावरण में ईश्वर को साक्षी मानकर वैवाहिक जीवन की शुरुआत होती है। साथ ही, महंगे मैरिज गार्डन और होटल आयोजनों से बचत होने के कारण परिवारों पर आर्थिक बोझ भी कम पड़ता है।

समिति के अनुसार मंदिर विवाह अभियान के साथ-साथ दहेज एवं माँसाहार मुक्त समाज की दिशा में भी लगातार जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस विवाह के माध्यम से दोनों परिवारों ने सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध सकारात्मक संदेश देते हुए अन्य परिवारों से भी सादगीपूर्ण एवं दहेज मुक्त विवाह अपनाने की अपील की।