भोपाल। दीपावली के पर्व को पारंपरिक रंगों और हस्तशिल्प की खूबसूरती से सजाने के उद्देश्य से गौहर महल में गुरुवार से दीपोत्सव मेला 2026 का शुभारंभ हुआ। मध्यप्रदेश हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम और माटीकला बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस मेले में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए 50 से अधिक शिल्पी अपनी कलाकृतियों और पारंपरिक उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। हुनर, मेहनत और कुछ नया करने का जज्बा हो, तो व्यक्ति न केवल अपनी पहचान बना सकता है, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार और आत्मनिर्भरता के रास्ते खोल सकता है। भोपाल की नमिता मंडल इसकी मिसाल हैं, जो फाइन आर्ट, ट्राइबल आर्ट और ज्वेलरी डिजाइनिंग के माध्यम से अपनी अलग पहचान बना रही हैं। उन्होंने अपने रचनात्मक हुनर को व्यवसाय का रूप दिया और अब जरूरतमंद महिलाओं, युवतियों तथा बच्चों को कला का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही हैं।
             नमिता को बचपन से ही फाइन आर्ट में रुचि थी। स्कूल के दिनों से वे कला के क्षेत्र में नए-नए प्रयोग करती रही हैं। इसी रुचि को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने फैब्रिक पर डिजाइनिंग, ट्राइबल आर्ट, ज्वेलरी डिजाइनिंग और मिट्टी की कलाकृतियां बनाने में अपनी प्रतिभा को निखारा। वे टी-शर्ट पर आकर्षक डिजाइन तैयार करने के साथ ही कैनवास, फैब्रिक और मिट्टी की मदद से ज्वेलरी तथा सजावटी वस्तुएं भी बनाती हैं।
नमिता ने बताया कि शुरुआत में वे अकेले ही अपने काम को आगे बढ़ाती थीं। धीरे-धीरे लोगों की रुचि बढ़ी और उनके पास प्रशिक्षण लेने वाले भी आने लगे। इसके बाद उन्होंने अपने काम को व्यवस्थित रूप देते हुए पारखी क्रिएशन के नाम से कारोबार शुरू किया। लगभग 1500 रुपये के शुरुआती निवेश से शुरू हुआ उनका यह प्रयास आज उनकी पहचान बन चुका है। वे अपने उत्पादों के माध्यम से भोपाल सहित देश के विभिन्न शहरों के ग्राहकों तक पहुंच बना रही हैं। उनके बनाए उत्पादों की मांग विदेशों तक भी पहुंची है।
नमिता का उद्देश्य केवल व्यवसाय करना नहीं, बल्कि कला के माध्यम से महिलाओं और युवाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना भी है। वे अपने घर पर बच्चों और युवतियों को फाइन आर्ट तथा क्रिएटिव डिजाइनिंग का प्रशिक्षण देती हैं। उनका मानना है कि कला को रोजगार का माध्यम बनाकर व्यक्ति अपने पैरों पर खड़ा हो सकता है।
गोहर महल में आयोजित क्रिसमस मेले जैसे आयोजनों में भी नमिता अपने हस्तनिर्मित आभूषणों और कलाकृतियों का प्रदर्शन कर चुकी हैं। उनके प्रयास यह संदेश देते हैं कि सीमित संसाधनों के बावजूद लगन और रचनात्मकता के बल पर सफलता हासिल की जा सकती है।