भोपाल। सुरश्री सुरमई संगत की ओर से “सुरों के रंग” नामक शानदार संगीतमय संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संगीत प्रेमियों ने विभिन्न भावों और रंगों से सजी मधुर प्रस्तुतियों का आनंद लिया। गीतों की सुरीली धुनों और भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को संगीतमय बना दिया।
कार्यक्रम की विशेषता रही प्रतिभागियों की विविध आयु सीमा। इसमें 6 वर्ष के बच्चों से लेकर 75 वर्ष तक के वरिष्ठ नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। करीब 40 गायक-गायिकाओं ने सोलो और डुएट प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बच्चों की मासूम आवाजों से लेकर वरिष्ठ कलाकारों की परिपक्व गायकी तक हर प्रस्तुति को श्रोताओं ने तालियों के साथ सराहा।
सुरश्री सुरमई संगत ग्रुप की म्यूजिक मेंटॉर अनुपमा श्रीवास्तव ने बताया कि सभी प्रतिभागियों ने गीतों के भाव को समझते हुए उन्हें संवेदनशीलता और आत्मीयता के साथ प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में देशभक्ति, राग-रंग, गजल, प्रेम, विरह, दर्द और उदासी सहित जीवन के अनेक भावों से जुड़े गीत प्रस्तुत किए गए।
कहीं देशभक्ति के गीतों ने उत्साह जगाया तो कहीं प्रेम और विरह की भावनाओं ने श्रोताओं को भाव-विभोर किया। गजलों की नजाकत और दर्द भरे गीतों की संवेदना ने शाम को और भी यादगार बना दिया।
“सुरों के रंग” विभिन्न पीढ़ियों के कलाकारों की सहभागिता, सुर, संगीत और भावनाओं का खूबसूरत संगम बनकर सामने आया। कार्यक्रम ने संगीत प्रेमियों को एक यादगार और भावपूर्ण संगीतमय अनुभव प्रदान किया।