मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कुटीर और ग्राम उद्योग हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इन उद्योगों से जुड़े भारत के सभी बुनकरों, मूर्तिकारों और अन्य कलाकारों के प्रयासों को पूर्ण सम्मान देने का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के इस संकल्प को पूरा करने के लिए हमारी सरकार सभी मेहनती किसानों, कुशल बुनकरों, समर्पित कारीगरों और सर्वश्रेष्ठ ग्रामीण कलाकारों को सम्मानित करने का हर संभव प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कई ऐसे कलाकार हैं जिन्होंने मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को विश्व मंच पर सुशोभित किया है। हमारी सरकार सभी कलाकारों की समृद्धि के लिए हमेशा तत्पर है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 'लोकल वोकल' और 'लोकल टू ग्लोबल' का महामंत्र दिया है। हमारी सरकार प्रधानमंत्री के इस महामंत्र के अनुसार ठोस कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को कुशभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में हथकरघा सप्ताह के अंतर्गत आयोजित बुनकरों और कारीगरों के अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की हथकरघा और हस्तशिल्प परंपरा को समृद्ध करने के लिए विभिन्न श्रेणियों में क्षेत्र के 15 सर्वश्रेष्ठ मूर्तिकारों और बुनकरों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित करके बुनकर-शिल्पी सम्मान समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने बुनकर-हस्तशिल्प प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया और मिट्टी से शिवलिंग (पिंडी) भी बनाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुटीर एवं ग्राम उद्योग विभाग द्वारा विकसित दो वेब कॉमर्स पोर्टल - मृगनयनी ( शुभारंभ कियाwww.odopmartmp.com ) और ओडोप मार्ट एमपी (www.themrignayani.com
विभागीय पोर्टल का देश में प्रथम स्थान प्राप्त करना एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षेत्र के सभी बुनकरों, सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों से जुड़े कारीगरों और विशेष रूप से कुटीर एवं ग्राम उद्योग (ओडीओपी) उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए दो ई-कॉमर्स वेब पोर्टल शुरू किए गए हैं। इस पोर्टल को देश में प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है। यह राज्य सरकार और कुटीर एवं ग्राम उद्योग विभाग के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। ई-कॉमर्स पोर्टल के माध्यम से मृगनयनी एम्पोरियम के उत्पादों की डिलीवरी देश भर में 16 हजार से अधिक स्थानों पर सुनिश्चित की जा रही है। पहले चरण में, मृगनयनी पोर्टल पर 460 से अधिक उत्पाद उपलब्ध कराए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि चंदेरी का कुर्ता, महेश्वर की साड़ी, बैग की शॉल और जरी का बैग, ये सभी वस्तुएं क्षेत्र के लोगों को गौरवान्वित करती हैं।
कुटीर और ग्रामीण उद्योगों के उत्पाद भी युवा पीढ़ी को आकर्षित कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुनकर, बुटीक और खादी का उत्पादन क्षेत्र के किसानों की उपज से होता है। खादी मध्य प्रदेश की एक विशेष पहचान रही है। आज मध्य प्रदेश सभी क्षेत्रों में तेजी से प्रगति कर रहा है, लेकिन
हथकरघा और मूर्तिकला को बढ़ावा देने पर विशेष जोर देने की आवश्यकता है। ये लोग अपने अथक परिश्रम और मेहनत से समृद्ध परंपरा और कला को संरक्षित रखते हुए आगे बढ़ा रहे हैं। मूर्तिकारों और कलाकारों के हाथों में अद्भुत प्रतिभा होती है। उन्होंने कहा कि लगभग 250 वर्ष पूर्व लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर ने माहेश्वरी साड़ी के माध्यम से देश के बुनकरों को संरक्षण दिया था। चंदेरी, इंदौर और उज्जैन प्रत्येक बुनकरों और कारीगरों को अनेक अवसर प्रदान कर रहे हैं। वर्तमान युवा पीढ़ी भी अब कुटीर और ग्राम उद्योगों के उत्पादों को अपना रही है। अब ये उत्पाद भोपाल और इंदौर के प्रमुख बाजारों में उपलब्ध हैं। अब नए पोर्टलों के शुभारंभ से ये उत्पाद युवाओं के लिए ऑनलाइन खरीदारी के लिए भी उपलब्ध होंगे। ओडीओपी उत्पादों में भी हम चंदेरी की साड़ी, सिधी की दरी, उज्जैन का बाटिक और धार का बाग प्रिंट को बढ़ावा दे रहे हैं। इस क्षेत्र के 7 जिलों के कारीगरों द्वारा निर्मित 2 हजार से अधिक उत्पाद पूरे देश में भेजे जा रहे हैं। सरकार इन उत्पादों के विपणन के लिए अनुकूल वातावरण बनाने में हमारा सहयोग कर रही है।
उज्जैन में जल्द ही यूनिटी मॉल शुरू होगा, जहां देश के सभी उत्पाद उपलब्ध होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों, कुटीर एवं ग्राम उद्योगों, स्टार्टअप और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से बुनकरों, कारीगरों और कलाकारों को सभी आवश्यक सहायता प्रदान कर रही है। हाल ही में
उज्जैन में हथकरघा उत्कृष्टता केंद्र शुरू किया गया है। इससे पहले यहां बड़ी संख्या में सूती मिलें संचालित होती थीं। मध्य प्रदेश अब वस्त्र क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाने की ओर अग्रसर है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने धार जिले को पीएम मित्र पार्क का अनूठा उपहार दिया है। इससे लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। खेत से कारखाने तक की पूरी मूल्य श्रृंखला तैयार की जाएगी। इंदौर-उज्जैन महानगर में 6 जिले शामिल हैं - इंदौर, उज्जैन, धार, देवास, शाजापुर और रतलाम। इन क्षेत्रों में 3 हवाई अड्डे, 6 रेलवे जंक्शन, 8 से अधिक औद्योगिक क्षेत्र और पर्यटन केंद्र हैं जो रोजगार को बढ़ावा देते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब हर साल 8 करोड़ से अधिक श्रद्धालु उज्जैन आ रहे हैं। उज्जैन शहर में एक यूनिटी मॉल का निर्माण हो रहा है, जिसका निर्माण अगले महीने तक पूरा हो जाएगा। कुटीर एवं ग्राम उद्योग विभाग के माध्यम से इस यूनिटी मॉल में देश भर के उत्पाद उपलब्ध कराए जाएंगे।
कुटीर एवं ग्राम उद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश का कुटीर एवं ग्राम उद्योग विभाग परियोजना को पूरा करने की दिशा में अग्रसर है। राज्य सरकार ने कुटीर एवं ग्राम उद्योग उत्पादों की बिक्री के लिए एक ई-कॉमर्स पोर्टल शुरू किया है। इन उत्पादों पर लेबलिंग और क्यूआर कोड के माध्यम से सूचना उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अब हमारे उत्पाद देश के विभिन्न शहरों के बाजारों में उपलब्ध होंगे।
अतिरिक्त मुख्य सचिव, कुटीर एवं ग्राम उद्योग विभाग श्री के.सी. गुप्ता ने बताया कि मध्य प्रदेश में लगभग ढाई लाख बुनकर, कारीगर और कलाकार हैं जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना अपनी आजीविका चला रहे हैं। वे हमारी परंपराओं को निभाते हुए हमारी सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी कर रहे हैं। कुटीर एवं ग्राम उद्योग विभाग में 70 प्रतिशत महिलाएं कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि आज से कुटीर एवं ग्राम उद्योग विभाग को दो नए ई-पोर्टल और डिजिटल प्लेटफॉर्म उपहार स्वरूप प्राप्त हुए हैं। इनके माध्यम से मृगनयनी एम्पोरियम और डिवीजन के 7 ओडीओपी उत्पादों की आपूर्ति पूरे देश में की जाएगी।
उन्हें सम्मान मिला
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्यों के लिए बुनकरों, मूर्तिकारों और कलाकारों को सम्मानित किया। उन्हें प्रथम पुरस्कार के रूप में 1 लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार के रूप में 50 हजार रुपये, तृतीय पुरस्कार के रूप में 25 हजार रुपये और प्रोत्साहन राशि के रूप में 15 हजार रुपये एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
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प्रथम कबीर बुनकर पुरस्कार वर्ष 2022-23
श्री साकिब अहमद (चंदेरी)
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प्रथम राज्य स्तरीय विश्कर्मा पुरस्कार वर्ष 2022-23
श्री रोहित रूसिया (छिंदवाड़ा)
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प्रथम कबीर बुनकर पुरस्कार वर्ष 2023-24
श्री मसीहुद्दीन (चंदेरी)
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प्रथम कबीर बुनकर पुरस्कार वर्ष 2024-25
श्री मोहम्मद गुलफाम (चंदेरी)
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द्वितीय कबीर बुनकर पुरस्कार वर्ष 2022-23
श्री सिद्दीकी अंसारी (महेश्वर)
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द्वितीय राज्य स्तरीय विश्कर्मा पुरस्कार वर्ष 2022-23
श्री मोहम्मद रफीक छीपा (उज्जैन)
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द्वितीय कबीर बुनकर पुरस्कार वर्ष 2023-24
श्रीमती मंजुला बंदे (महेश्वर)
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द्वितीय कबीर बुनकर पुरस्कार वर्ष 2024-25
श्री पृथ्वीराज सिंह कोली (चंदेरी)
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तृतीय कबीर बुनकर पुरस्कार वर्ष 2022-23
श्री महमूद अहमद (चंदेरी)
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तृतीय राज्य स्तरीय विश्कर्मा पुरस्कार वर्ष 2022-23
श्री सतीश विश्वकर्मा (ग्वालियर)
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तृतीय कबीर बुनकर पुरस्कार वर्ष 2023-24
श्रीमती वकिलन बी (महेश्वर)
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तृतीय कबीर बुनकर पुरस्कार वर्ष 2024-25
श्री शेषराव निमजे (सौंसर)
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प्रोत्साहन पुरस्कार, वर्ष 2022-23 के लिए राज्य स्तरीय विश्वकर्मा पुरस्कार
श्रीमती दीपा अहिरवार (इंदौर)
श्री तन सिंह बामने (भोपाल)
श्री हरीश धवन (ग्वालियर)
इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश राज्य खादी और ग्राम उद्योग बोर्ड के अध्यक्ष श्री पंकज जोशी, बोर्ड के उपाध्यक्ष डॉ. राकेश जादौन, हथकरघा विभाग के आयुक्त श्री मदन कुमार नागरगोजे, रेशम उत्पादन आयुक्त श्री मोहित बुंदास के साथ-साथ विभागीय अधिकारी-कर्मचारी और क्षेत्र के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में बुनकर, मूर्तिकार और कलाकार उपस्थित थे।
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