भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार की राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी के जाति प्रमाण-पत्र से जुड़े मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है। उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने मामले की सुनवाई के लिए 6 जुलाई 2026 की तारीख तय करते हुए राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी और शिकायतकर्ता तथा कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।

समिति ने प्रतिमा बागरी को जारी नोटिस में जाति संबंधी सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने को कहा है। यह मामला अप्रैल 2025 में दर्ज उस शिकायत से जुड़ा है, जिसमें प्रदीप अहिरवार ने आरोप लगाया था कि मंत्री का जाति प्रमाण-पत्र कथित रूप से गलत तरीके से जारी किया गया और इसकी वैधता की जांच की जानी चाहिए।

शिकायत पर कार्रवाई में देरी होने के बाद प्रदीप अहिरवार ने जनहित याचिका दायर की थी। न्यायालय के निर्देशों के बाद अब समिति ने सुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाते हुए दोनों पक्षों को तलब किया है।

वहीं, शिकायतकर्ता प्रदीप अहिरवार ने दावा किया कि उन्हें निष्पक्ष जांच की उम्मीद है और आरोप लगाया कि प्रतिमा बागरी अनुसूचित जाति वर्ग का लाभ अनुचित तरीके से ले रही हैं। हालांकि, इन आरोपों पर मंत्री प्रतिमा बागरी की ओर से अभी कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।