मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राज्य आपदा कमान एवं नियंत्रण केंद्र के स्थिति कक्ष में पहुंचे और क्षेत्र में भारी वर्षा, जलभराव और बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर जलभराव और बाढ़ की स्थिति से लोगों को बचाने के लिए चलाए जा रहे बचाव अभियान की जानकारी ली और प्रभावित लोगों, बचाव अभियान में लगे कर्मचारियों और स्थानीय लोगों से ऑनलाइन बातचीत की। स्थिति कक्ष में अतिरिक्त मुख्य गृह सचिव श्री संजय शुक्ला, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना और गृह सुरक्षा निदेशक श्रीमती प्रज्ञा ऋचा भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एसडीआरएफ, पुलिस, होम गार्ड और स्थानीय लोगों के प्रयासों की सराहना की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एसडीआरएफ, पुलिस और होम गार्ड की त्वरित कार्रवाई के परिणामस्वरूप 527 लोगों की जान बचाई जा सकी। यह पुलिस-होम गार्ड के कार्य और सेवा भावना का स्वर्णिम उदाहरण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बचाव कार्य में लगे स्थानीय लोगों के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि जनजीवन बचाने वालों को पुरस्कृत करने की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य के सभी आवश्यक स्थानों पर दिन-रात बचाव अभियान जारी है। जरूरतमंदों के लिए पुलिस-प्रशासन द्वारा भोजन की व्यवस्था की जा रही है। जिला स्तर पर पुलिस प्रशासन को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर आसपास के जिलों का सहयोग भी लिया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर एयर एम्बुलेंस सेवा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी संभव सावधानियां बरतने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला अधिकारियों को इस आपदा की स्थिति में पूरी सतर्कता, सतर्कता, संवेदनशीलता और संयम के साथ काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर मंडल और राज्य स्तर से समन्वय करके सहयोग प्राप्त किया जाना चाहिए। भारी बारिश के कारण जलभराव और बाढ़ की स्थिति में सभी आवश्यक सावधानियां बरतने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि पुल पर पानी होने की स्थिति में किसी भी हालत में वाहनों को गुजरने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थिति कक्ष से राजगढ़, सीहोर, अगर मालवा, विदिशा और खंडवा में चल रहे बचाव कार्यों का वर्चुअल निरीक्षण किया।